संयुक्त राष्ट्र संघ में ईरान के स्थाई प्रतिनिधि मजीद तख़्ते रवान्ची ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव और सुरक्षा परिषद के प्रमुख के नाम अलग अलग पत्रों में कहा कि जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या पर आधारित आतंकवादी कायवाही सीधे अमरीकी राष्ट्रपति के आदेश से हुई जो सरकारी आतंकवाद का खुला उदाहरण है और अंतर्राष्ट्रीय नियमों और क़ानूनों का खुला उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि अमरीका की इस ग़ैर क़ानूनी कार्यवाही से स्पष्ट हो गया कि आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध के संबंध में उसके दावे खोखले हैं और वास्तव में अमरीका उन लोगों के साथ युद्ध में व्यस्त है जो आतंकवाद के विरुद्ध युद्धरत हैं।
ईरान के राजदूत ने कहा कि किसी देश की सशस्त्र सेना समझी जाने वाली एक फ़ोर्स को आतंकवादी गुट क़रार देना, संयुक्त राष्ट्र संघ के नियमों और देशों की स्वाधीनता के सिद्धांतों के विपरीत है और यह कार्यवाही किसी क़ीमत पर किसी दूसरे देश के विरुद्ध शक्ति के प्रयोग का औचित्य पेश नहीं कर सकती।
श्री मजीद तख़्ते रवान्ची ने सुरक्षा परिषद से मांग की है कि वह अपनी ज़िम्मेदारियों को दृष्टिगत रखते हुए अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की इस ख़तरनाक कार्यवाही के पड़ने वाले प्रभावों के दृष्टिगत इसका नोटिस ले।